दो मंजिला ट्रैक्टर-ट्रॉली

झांसी में दिखी दो मंजिला ट्रैक्टर-ट्रॉली

झांसी। आपने सामान्य ट्रैक्टर-ट्रॉली तो हमेशा ही देखी होगी लेकिन महानगर के व्यस्ततम इलाइट चौराहे पर एक ऐसी दो मंजिला ट्रैक्टर-ट्रॉली नज़र आयी जिसके निचली मंजिल में महिलाओं और ऊपरी मंजिल पर चारपाई लगाकर पुरुषों को बैठाया गया था।

लगभग 40 सवारियों से भरी यह दो मंजिला ट्रैक्टर-ट्रॉली जहाँ एकओर लोगों के बीच कौतुहल का विषय बानी तो दूसरी ओर सड़क पर सुरक्षा के गंभीर खतरे के मद्देनजर पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया ।दो मंजिला ट्रैक्टर-ट्रॉली

इलाइट चौराहे पर चेकिंग के दौरान पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली

इलाइट चौराहे पर यातायात पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पड़ी। ट्रॉली में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सवार थे। लोगों को दो स्तरों पर बैठा देखकर पुलिस ने तत्काल ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवाया।

पुलिस ने जब यात्रियों को नीचे उतरवाया तो पूरा मामला सामने आया। एक साथ करीब 40 लोगों को इस तरह यात्रा करते देखकर पुलिस ने यात्रियों को समझाइश दी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की।दो मंजिला ट्रैक्टर-ट्रॉली

ग्वालियर से ओरछा दर्शन करने गए थे यात्री

पूछताछ में यात्रियों ने पुलिस को बताया कि वे मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आए थे और ओरछा स्थित रामराजा मंदिर में दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद सभी इसी ट्रैक्टर-ट्रॉली से वापस लौट रहे थे।

यात्रा धार्मिक थी, लेकिन जिस तरीके से करीब 40 लोगों को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठाकर ले जाया जा रहा था, वह सड़क सुरक्षा के लिहाज से गंभीर जोखिम पैदा कर सकता था।

पुलिस ने सभी यात्रियों को ट्रॉली से नीचे उतरवाकर सुरक्षित साधन से आगे जाने के लिए कहा। वहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

दो मंजिला ट्रैक्टर-ट्रॉली

नजारा बना कौतूहल, लेकिन संदेश गंभीर

इलाइट चौराहे पर कुछ देर के लिए यह अनोखी ट्रैक्टर-ट्रॉली लोगों के कौतूहल का कारण जरूर बनी। नीचे महिलाएं और ऊपर पुरुषों को बैठे देखकर लोग इसे देखकर हैरान रह गए। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने सड़क सुरक्षा से जुड़ा एक अहम सवाल भी खड़ा किया है।

दर्शन, यात्रा या घर वापसी—सुरक्षित सफर से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं। थोड़ी सी लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहनों से सफर करने के बजाय सुरक्षित और यात्री परिवहन के लिए उपयुक्त साधन का इस्तेमाल करना ही जरूरी है।

वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन

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