ड्रैगन फ्रूट की खेती

ड्रै्गन फ्रूट बनेगा बुंदेली किसानों की नैया का खेवैया

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झांसी 23 नवंबर। बुंदेलखंड में किसानों की आय को बढ़ाने के लिए काम कर रही प्रदेश सरकार के इस उद्देश्य को मूर्त रूप देने में झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का कृषि विभाग यहां किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती अपनाकर आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष पांडेय ने बताया कि सरकार औद्यानिकी के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाने पर फोकस कर रही है। ऐसे में ड्रैगन फ्रूट को बुंदेलखंड में बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी को बढ़ाया जा सकता है। हमने प्रायोगिक तौर पर ड्रैगन फ्रूट की खेती पर काम शुरू किया है और आने वाले दिनों में किसानों को ड्रैगन खेती के तरीके बताने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण देने की योजना भी बना रहे हैं।

औषधीय गुण होने के कारण ड्रैगन फ्रूट की कीमत भी काफी अधिक होती है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के विद्यार्थियों ने कृषि फ़ार्म पर शिक्षकों के निर्देशन में 48 पौधे लगाए हैं। अभी यह प्रयोग शुरुआती दौर में है और कुछ समय बाद स्थानीय किसानों को बुलाकर इस खेती के बारे में उन्हें जानकारी और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। ड्रैगन फ्रूट के साथ इंटरक्रॉपिंग भी की जा सकती है, इसलिए इस क्षेत्र के किसानों के लिए इसे अतिरिक्त आय के माध्यम के रूप में बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

किसानों की आमदनी बढ़ाने के मकसद से बुंदेलखंड में कई तरह के अभिनव प्रयोग हो रहे हैं। झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा है। इस योजना के तहत विश्वविद्यालय के कृषि फार्म में कृषि विज्ञान संस्थान के विद्यार्थी ड्रैगन फ्रूट की खेती पर काम शुरू कर रहे हैं। ड्रैगन फ्रूट की खेती कम पानी में की जा सकती है और बुंदेलखंड में इसके सफल होने की भी अधिक संभावना है।

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